
प्रश्न: क्या जैन धर्म सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों में भाग लेने की अनुमति देता है?
उत्तर: जैन धर्म अहिंसा, सत्य और नैतिकता पर आधारित सक्रिय जीवन का समर्थन करता है। समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करना, ईमानदारी से कर्तव्य निभाना और अन्याय का शांतिपूर्ण विरोध करना धर्म के विपरीत नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि साधन अहिंसक और नैतिक हों।
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