समाजहित में आवास सहायता एवं सुरक्षित रहवास पहल
जैन समाज में दान और सहयोग की परंपरा प्राचीन है। जरूरतमंदों के लिए आवास निर्माण, धर्मशालाओं की व्यवस्था और छात्रावासों की स्थापना सामाजिक उत्तरदायित्व का भाग है। अपरिग्रह का सिद्धांत यह सिखाता है कि आवश्यकता से अधिक संचय न किया जाए और संसाधनों का उपयोग समाजहित में किया जाए। सुरक्षित और स्वच्छ आवास मानव गरिमा का आधार है।
