श्रावक संस्कार शिविर
जो व्यक्ति स्वयं को मुनि बनने के योग्य नहीं पाते, वे श्रावकत्व को अंगीकार करते हैं। मुनिश्री का यह सतत प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक गृहस्थजन श्रावक धर्म को अपनाएँ। इसी उद्देश्य से वे प्रति वर्ष श्रावक संस्कार शिविर आयोजित करने की प्रेरणा देते हैं। इन शिविरों के मूल में मर्यादित आचरण प्रमुख होता है। आहार-विहार की मर्यादा,
