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संयम से आत्मबल का विकास

संयम से आत्मबल का विकास

संयम इच्छाओं पर नियंत्रण का मार्ग है। जब व्यक्ति भोग से ऊपर उठकर आत्मसंयम को अपनाता है, तब भीतर छिपी आत्मशक्ति प्रकट होती है। जैन दर्शन के अनुसार संयम ही सच्ची स्वतंत्रता की कुंजी है।

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