
प्रश्न: क्या घर-परिवार और व्यवसाय करते हुए भी सच्चा धर्म पालन संभव है?
उत्तर: हाँ, जैन धर्म केवल वन या मठ तक सीमित नहीं है। गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी सत्य, अहिंसा, संयम और ईमानदारी का पालन किया जाए तो वही सच्चा धर्म है। दैनिक जीवन में क्रोध कम करना, वाणी को मधुर रखना, भोजन में सावधानी रखना और समय निकालकर स्वाध्याय करना — यही गृहस्थ का धर्म है।
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