शाकाहार, सात्विक भोजन, नियमित साधना और मानसिक शांति
स्वास्थ्य को जैन दृष्टि में संयमित जीवनशैली से जोड़ा गया है। शाकाहार, सात्विक भोजन, नियमित साधना और मानसिक शांति — ये सभी स्वस्थ जीवन के अंग हैं। जैन समाज अनेक स्थानों पर अस्पताल, औषधालय और स्वास्थ्य शिविर संचालित करता है। अहिंसक आहार और नशामुक्त जीवनशैली को प्रोत्साहित करना भी स्वास्थ्य संरक्षण का महत्वपूर्ण भाग है। शरीर को साधना का साधन
